उत्तराखंड में एसएससी ऑनलाइन परीक्षाओं की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। उत्तराखंड एसटीएफ की जांच में ऐसे चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं, जिन्होंने देशभर में आयोजित होने वाली भर्ती परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
ऑनलाइन परीक्षा में नकल के मामले की जांच अब अहम मोड़ पर पहुंच चुकी है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया है कि देशभर की सैकड़ों परीक्षा लैब में सेटअप के दौरान ही ऐसी तकनीकी सेटिंग्स की गई थीं, जिससे परीक्षार्थियों को आसानी से नकल कराई जा सके। इस पूरे खेल में परीक्षा आयोजित कराने वाली कंपनी के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका भी जताई जा रही है।
जांच के दौरान सामने आया कि आगामी परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका के चलते पुलिस ने एक संदिग्ध सेंटर (लैब) को बंद भी करवा दिया है। इससे पहले फरवरी महीने में देहरादून के एमकेपी क्षेत्र स्थित ‘महादेव डिजिटल जोन’ नामक लैब में भी अनियमितताएं पाई गई थीं, जिसके बाद एसटीएफ ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
सूत्रों के अनुसार, हाल ही में पकड़े गए आरोपी ईश्वरी प्रसाद ने एसटीएफ के सामने कई अहम राज खोले हैं। उसने बताया कि वर्ष 2024 में योगेश उर्फ योगी उर्फ इंद्रजीत उर्फ जैक के कहने पर उसने लैब सेटअप का काम शुरू किया था। उसे इस काम के बदले मुनाफे में 30 प्रतिशत हिस्सेदारी का लालच दिया गया था। इसी लालच में आकर उसने ‘महादेव डिजिटल जोन’ नाम से लैब स्थापित की।
जब इस लैब में गड़बड़ियों का मामला उजागर हुआ तो आरोपी फरार हो गया था। अब उसकी गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों को इस पूरे नेटवर्क के और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
इस मामले ने देशभर में होने वाली ऑनलाइन परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर गहरा असर डाला है। अब देखना होगा कि जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क का कितना बड़ा खुलासा कर पाती हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
