बागेश्वर जिले में आज सुबह भूकंप के लगातार तीन झटकों ने लोगों को दहशत में डाल दिया। एक घंटे के भीतर धरती तीन बार कांपने से लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए और सुरक्षित स्थानों की ओर दौड़ पड़े। हालांकि राहत की बात यह रही कि अब तक कहीं से भी जनहानि या बड़े नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
जानकारी के मुताबिक, भूकंप का सिलसिला सुबह करीब 10:30 बजे शुरू हुआ। पहला झटका 10:32 बजे महसूस किया गया, जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.1 मापी गई। इसके बाद 10:46 बजे दूसरा झटका आया, जिसकी तीव्रता 2.6 रही। इन झटकों से लोग संभल भी नहीं पाए थे कि 11:31 बजे तीसरा झटका महसूस हुआ, जिसकी तीव्रता 2.8 दर्ज की गई।
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, इन सभी झटकों का केंद्र कपकोट तहसील के अंतर्गत आने वाले बदियाकोट, सोराग और बाछम क्षेत्र के आसपास रहा। तीसरे झटके का केंद्र जमीन से लगभग 5 किलोमीटर की गहराई पर दर्ज किया गया।
चूंकि भूकंप का केंद्र दूरस्थ पहाड़ी इलाकों—बाछम, सोराग और बदियाकोट—के आसपास था, इसलिए इन क्षेत्रों में झटके अपेक्षाकृत अधिक महसूस किए गए। जिले की अन्य तहसीलों में भी हल्की कंपन दर्ज की गई, जिससे लोगों में भय का माहौल बन गया।
लगातार झटकों के कारण स्थानीय लोग घरों से बाहर निकल आए और खुले स्थानों में शरण ली। कई जगहों पर लोग एक-दूसरे को फोन कर हालचाल लेते नजर आए। हालांकि, प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है।
प्रशासनिक स्तर पर सतर्कता बरती जा रही है। राजस्व विभाग की टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजकर नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल सभी जगहों से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार किसी भी प्रकार की जनहानि या बड़ी क्षति की सूचना नहीं है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के हल्के झटके पहाड़ी क्षेत्रों में आम हैं, लेकिन लगातार झटकों की स्थिति में सतर्क रहना जरूरी होता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, लेकिन किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहें और सुरक्षा मानकों का पालन करें।
